एसआईआर पर कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद, हार के डर से फैला रहे भ्रम: महेंद्र भट्ट

October 1, 2026 5:41 AM

दून हॉराइज़न, देहरादून (24 सितम्बर) : उत्तराखंड में विशेष मतदाता पुनरीक्षण यानी एसआईआर (Special Summary Revision) को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए साफ कहा कि आगामी चुनावों में संभावित हार को भांपकर विपक्षी दल संवैधानिक संस्थाओं पर ठीकरा फोड़ने की पुरानी चाल चल रहा है।

ईवीएम के बाद अब एसआईआर पर सियासत

भाजपा प्रदेश मुख्यालय से जारी आधिकारिक बयान में महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट किया कि जब भी चुनाव करीब आते हैं, कांग्रेस हार के बहाने तैयार करने लगती है। पहले लगातार कई चुनावों तक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए और अब वोटर लिस्ट में नाम काटे जाने का नया शिगूफा छेड़ा जा रहा है।

उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं के पास सचिवालय, राजभवन और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के चक्कर काटने और तस्वीरें खिंचवाने का पूरा वक्त है। दिल्ली जाकर केंद्रीय चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरने दिए जा रहे हैं, लेकिन बूथ स्तर पर जाकर मतदाताओं की मदद करने के लिए उनके पास कोई कार्यकर्ता नहीं दिखता।

चुनाव आयोग की प्रक्रिया और आंतरिक विमर्श

केंद्रीय चुनाव आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली और आयुक्तों की राय पर उठ रहे सवालों को महेंद्र भट्ट ने पूरी तरह भ्रामक बताया। उन्होंने दलील दी कि आयोग तीन सदस्यों की एक बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था है। किसी भी बड़े फैसले से पहले आयुक्तों के बीच विचारों का गंभीर मंथन और असहमति का सामने आना किसी कलह का नहीं, बल्कि परिपक्व लोकतंत्र का प्रमाण है।

अगर हर फैसले पर बिना चर्चा के मुहर लगने लगे, तो यही विपक्षी दल इसे प्रशासनिक तानाशाही करार देने में देर नहीं लगाएंगे। जहां तक पश्चिम बंगाल या अन्य राज्यों में वोट कटने की बात है, उन क्षेत्रों में भी विपक्षी दल ही जीते हैं—ऐसे में वोट चोरी का नैरेटिव पूरी तरह खोखला साबित होता है।

घुसपैठियों की पहचान और उत्तराखंड में हैट्रिक का दावा
प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान के हवाले से जारी इस बयान में कहा गया कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण अभियान से किसी भी वैध नागरिक का नाम नहीं हटाया जाएगा। असल घबराहट इस बात की है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे बने अवैध और घुसपैठियों के वोट सिस्टम से बाहर हो रहे हैं।

उत्तराखंड में डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों और जनहित की योजनाओं का हवाला देते हुए भाजपा ने दावा किया कि पार्टी राज्य में जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है। जनता का रुझान भांपकर ही विपक्षी खेमा अभी से जमीन खिसकती देख प्रशासनिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रहा है।

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