खटीमा/सितारगंज: प्रदेश में अवैध खनन माफियाओं के हौसले कितने बुलंद हैं, इसका अंदाजा सितारगंज की रनसाली वन रेंज में हुई घटना से लगाया जा सकता है। गश्त के दौरान अवैध खनन रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर खनन माफियाओं ने हमला कर दिया। आरोप है कि वन दारोगा को ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास किया गया और बाद में टीम के साथ मारपीट की गई।

कैलाश नदी क्षेत्र में हुई घटना
जनपद उधम सिंह नगर के सितारगंज स्थित रनसाली रेंज में वन दारोगा नंद किशोर पांडे, वन आरक्षी शक्ति सिंह और वन बीट अधिकारी भूपेंद्र कुमार आरक्षित वन क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। जब टीम कैलाश नदी किनारे पहुंची तो वहां तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में अवैध खनन सामग्री भरी जा रही थी।

वन दारोगा द्वारा खनन से संबंधित दस्तावेज मांगने पर आरोपी कागजात नहीं दिखा सके। आरोप है कि इसके बाद खनन माफिया जबरन उपखनिज से भरी ट्रॉलियों को लेकर जाने लगे।
ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास, जमकर मारपीट
वनकर्मियों द्वारा रोकने पर साधुनगर निवासी राजकुमार समेत अन्य आरोपियों ने टीम के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट की। वन दारोगा को ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास भी किया गया। घटना का वीडियो वन कर्मियों द्वारा बनाया गया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
तीन आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
वन दारोगा की तहरीर पर उत्तराखंड पुलिस की सितारगंज थाना पुलिस ने राजकुमार समेत तीन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। अवैध खनन को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन इस हमले ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और खनन माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।




