श्रीनगर गढ़वाल में सीडीएस जनरल अनिल चौहान का दौरा, राष्ट्रीय सुरक्षा पर दिया व्यापक संदेश

February 21, 2026 8:12 AM

देश के रक्षा स्टाफ प्रमुख जनरल अनिल चौहान श्रीनगर गढ़वाल पहुंचे। उन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। कार्यक्रम में उनकी पत्नी अनुपमा चौहान भी मौजूद रहीं।

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अपने संबोधन में सीडीएस ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल वर्दीधारी अधिकारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की साझी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सामरिक सोच को जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति व्यापक जन-जागरूकता विकसित हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत में ‘स्ट्रैटेजिक कल्चर’ यानी रणनीतिक संस्कृति को लेकर जो भ्रांतियां हैं, उन्हें दूर करना आवश्यक है। रक्षा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर व्यापक सार्वजनिक विमर्श होना चाहिए।

जनरल चौहान ने कहा कि वे स्वयं को आज भी एक विद्यार्थी मानते हैं और जीवन में सादगी को अपनाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा, “सादगी ही जीवन में सबसे बड़ी तरक्की है।” विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पचास वर्षों से अधिक की यात्रा में संस्थान ने सही दिशा, गति और कठोर परिश्रम के बल पर उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं।

मुंबई में आयोजित एक सम्मेलन में विद्यार्थियों द्वारा प्राप्त स्थानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे निरंतर परिश्रम का परिणाम बताया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति और समस्त फैकल्टी को बधाई देते हुए कहा कि छात्रों के सपनों को साकार करने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि और सैन्यभूमि दोनों बताते हुए कहा कि राज्य अपनी इस दोहरी पहचान के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कार्यक्रम में कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने विश्वविद्यालय की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हाल के समय में 74 शिक्षकों को पदोन्नति दी गई है। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भारत सरकार के समक्ष लगभग 450 करोड़ रुपये के पांच प्रोजेक्ट प्रस्तावित किए गए हैं।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए सिविल सेवा परीक्षाओं हेतु निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार का सहयोग मिल रहा है। डिस्टेंस एजुकेशन कार्यक्रम प्रारंभ करने की दिशा में भी कार्य प्रगति पर है।

विश्वविद्यालय ने गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के साथ जूनियर लेवल डिफेंस मैनेजमेंट डिप्लोमा के लिए समझौता किया है। साथ ही अन्य सैन्य संस्थानों के साथ अकादमिक सहयोग बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।

कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विभिन्न विभागों के शोधार्थियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक विषयों पर प्रश्न रखे, जिनका सीडीएस ने विस्तार से उत्तर दिया।

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