देहरादून स्थित दून जिला न्यायालय को गुरुवार को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद पूरे कोर्ट परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। जिला जज को ई-मेल के माध्यम से मिली धमकी के बाद पुलिस प्रशासन तत्काल हरकत में आया और परिसर को खाली करा दिया गया।

इससे पहले नैनीताल, उत्तरकाशी, टिहरी और रुद्रप्रयाग के न्यायालयों को भी इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। लगातार मिल रहे धमकी भरे मेल ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
पांच बम लगाने का दावा:-
धमकी भरे ई-मेल में दावा किया गया कि सुबह 11:15 बजे न्यायालय परिसर को बम से उड़ा दिया जाएगा। मेल में लिखा गया कि इमारत के भीतर सी-4 और नाइट्रेट से बने पांच बम पहले ही रखे जा चुके हैं। यहां तक कहा गया कि यदि बम अपने आप नहीं फटते तो कुछ लोग अंदर आकर खुद को विस्फोट से उड़ा देंगे।
पत्र में तमिलनाडु में ईडब्ल्यूएस आरक्षण और ब्राह्मण वर्चस्व के विरोध जैसी बातें भी लिखी गईं। अंत में पाकिस्तान, डीएमके मॉडल, डीएमके आईटी विंग चेन्नई, तमिल टाइगर ऑफ ईलाम और आईएसआई जैसे नामों का जिक्र किया गया।
दो घंटे तक चली सघन तलाशी :-
सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जज, अधिवक्ता, कर्मचारी और आम नागरिकों को तत्काल परिसर से बाहर निकाला गया। करीब दो घंटे तक इमारत के कोने-कोने की तलाशी ली गई।
बुधवार को भी इसी तरह का धमकी भरा मेल मिलने पर कोर्ट परिसर खाली कराया गया था। उस दिन भी लंबी जांच के बाद कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई थी।
राहत की सांस:-
तलाशी अभियान के बाद बम निरोधक दस्ते ने किसी भी प्रकार की संदिग्ध सामग्री मिलने से इनकार किया। दोपहर करीब 12:30 बजे सर्च टीम के बाहर आने और स्थिति सामान्य होने का संकेत देने के बाद ही लोगों को वापस अंदर जाने की अनुमति दी गई। इस दौरान अदालत का कामकाज पूरी तरह ठप रहा।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। लगातार मिल रही धमकियों के मद्देनजर साइबर सेल भी ई-मेल की तकनीकी जांच में जुटी है।




