धामी के विजन पर जनता की मुहर, चंपावत से खटीमा तक दिखा जनविश्वास

February 28, 2026 7:43 AM

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चंपावत दौरे ने आस्था और विकास के समन्वय की स्पष्ट तस्वीर पेश की। कार्यक्रमों में उमड़ी भारी भीड़ ने यह संकेत दिया कि प्रदेश की जनता उनके विकास विजन के साथ खड़ी नजर आ रही है।

पूर्णागिरी से विकास संदेश
धामी ने ऐतिहासिक माँ पूर्णागिरी धाम मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंदिर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी साझा की गई। पार्किंग, पेयजल और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं को आधुनिक रूप देने की दिशा में काम जारी है।

प्रस्तावित शारदा कॉरिडोर परियोजना आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पहले चरण में 179 करोड़ रुपये की लागत से कार्य शुरू हो चुका है।

कॉरिडोर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
मास्टर प्लान के तहत गोल्ज्यू कॉरिडोर के निर्माण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। लगभग 430 करोड़ रुपये की यह योजना क्षेत्रीय विकास को नई गति देने वाली बताई जा रही है।

टनकपुर में 238 करोड़ रुपये की लागत से आईएसबीटी निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों दोनों को आधुनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।

महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और युवा शक्ति
दौरे के दौरान महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेटियों को उत्कृष्ट खेल सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है और युवा शक्ति को सशक्त बनाना उनका संकल्प है।

होली के रंगों में संवाद
चंपावत और लोहाघाट में होली मिलन समारोह के साथ-साथ काली कुमाऊँ होली रंग महोत्सव में भी मुख्यमंत्री ने भाग लिया। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने माहौल को उत्साह से भर दिया।

खटीमा में आयोजित होली मिलन समारोह में भी जनसैलाब उमड़ा। ढोल-नगाड़ों की गूंज और रंगों की बौछार के बीच जनता और नेतृत्व के बीच भावनात्मक जुड़ाव का दृश्य देखने को मिला।

राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट
अपने संबोधन में धामी ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों के संरक्षण व विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दल तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति में लगे हैं, जिससे संतुलित विकास संभव नहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की अस्मिता और मूल स्वरूप की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आवश्यक होने पर कठोर निर्णय लेने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

चंपावत से खटीमा तक यह दौरा केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं रहा, बल्कि आस्था, विकास और राजनीतिक संदेशों का संगम साबित हुआ। भीड़ की मौजूदगी ने इसे जनविश्वास के प्रदर्शन में बदल दिया।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment