सोमवार 17 फरवरी 2026 को साल का पहला वलयाकार सूर्य ग्रहण लगेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3:26 बजे, मध्यकाल 5:40 बजे और समापन 7:57 बजे के आसपास होगा। कुल अवधि करीब 4 घंटे 31 मिनट रहेगी।

यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा और मंदिरों के कपाट सामान्य रूप से खुले रहेंगे।
कहां दिखेगा “रिंग ऑफ फायर”?
यह ग्रहण
दक्षिण अफ्रीका,
तंजानिया,
जाम्बिया,
मॉरिशस,
जिम्बाब्वे
और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में नजर आएगा।
ग्रहण के दौरान सूर्य का बाहरी किनारा चमकता दिखाई देगा, जिसे “रिंग ऑफ फायर” कहा जाता है।
राशियों पर सामान्य प्रभाव
ज्योतिषाचार्य के अनुसार ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगेगा।
कुंभ, सिंह और वृश्चिक राशि वालों को निर्णय लेते समय सतर्क रहने की सलाह।
वृषभ और मकर राशि के लिए कार्यक्षेत्र में नए अवसर बन सकते हैं।
अन्य राशियों को स्वास्थ्य और खर्चों पर संतुलन बनाए रखने की जरूरत है।
हालांकि भारत में ग्रहण दृश्य न होने से धार्मिक प्रभाव नहीं माना




