देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार के जनसंपर्क अभियान ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ के तीसरे चरण को 15 सितंबर से नए और अधिक प्रभावी स्वरूप में शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल शिविर लगाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और मौके पर समस्याओं का समाधान करना है।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिविर परिणाम आधारित हो। पात्र लोगों को आयुष्मान कार्ड, पेंशन, प्रमाण पत्र, राजस्व सेवाएं और अन्य सरकारी सुविधाएं एक ही स्थान पर सरलता से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि आमजन को यह महसूस होना चाहिए कि सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुंची है।
मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष की आपदाओं से जुड़े पुनर्निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि कोई भी स्वीकृत कार्य लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से 15 अक्टूबर तक पूरे होने वाले विकास कार्यों की सूची और प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा।

मुख्यमंत्री धामी ने मानसून के दौरान सभी पुलों का सेफ्टी ऑडिट कराने, नालों की विशेष सफाई, जलभराव रोकने, वैकल्पिक संचार व्यवस्था विकसित करने और सभी जिलों में एम्बुलेंस व आपातकालीन स्वास्थ्य संसाधन पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आपदा के बाद राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि आपदा से पहले तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया और समयबद्ध पुनर्वास सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि जनहित के मामलों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है और उसे बनाए रखना शासन-प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।




