सीएम हेल्पलाइन-1905 पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मुख्यमंत्री धामी के सख्त निर्देश

July 31, 2026 6:20 AM

देहरादून, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर दर्ज जन शिकायतों के समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी और जवाबदेही हर स्तर पर तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पेयजल विभाग और जल जीवन मिशन से जुड़ी बड़ी संख्या में लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित शिकायतों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि समय पर शिकायतों का समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने उन अधिकारियों पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की जिनकी शिकायतों पर कार्यवाही शून्य प्रतिशत है। उन्होंने विभागाध्यक्षों को ऐसे अधिकारियों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। यदि उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो उनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निर्धारित समय सीमा में जिन शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा है, उनकी नियमित समीक्षा विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी स्तर पर की जाए। साथ ही स्पेशल क्लोज, डिमांड, सजेशन और अन्य श्रेणियों में परिवर्तित शिकायतों की भी गंभीरता से जांच की जाए ताकि किसी भी वास्तविक शिकायत का निस्तारण प्रभावित न हो।

उन्होंने प्रत्येक सोमवार को जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और शासन स्तर पर सचिवों द्वारा समाधान दिवस आयोजित कर जन समस्याओं की नियमित सुनवाई और समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान दिवस को प्रभावी जनसेवा के मंच के रूप में विकसित किया जाए।

बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार 18 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 तक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर कुल 67,843 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 20,461 शिकायतों का पूर्ण निस्तारण, 31,363 का आंशिक निस्तारण, 7,404 शिकायतें प्रक्रियाधीन, 4,061 लंबित और 3,738 शिकायतें स्पेशल क्लोज श्रेणी में हैं। अधिकारियों ने बताया कि स्पेशल क्लोज की दर घटकर 5.5 प्रतिशत रह गई है, जो पूर्व अवधि की तुलना में उल्लेखनीय सुधार है।

मुख्यमंत्री ने अगली समीक्षा बैठक से पहले सभी सचिवों और जिलाधिकारियों को अपने-अपने विभागों की व्यापक समीक्षा करने के निर्देश दिए और कहा कि अगली बैठक में शिकायतों की संख्या के साथ-साथ शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि और विभागीय जवाबदेही के आधार पर समीक्षा की जाएगी।

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