देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए डायलिसिस सुविधा को 24×7 संचालित करने और अगले तीन महीने में किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि आमजन को बेहतर और गुणवत्तापरक उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार जरूरी है। उन्होंने प्रदेश के जिला अस्पतालों और बड़े उप जिला अस्पतालों का 31 मार्च 2027 तक एनएबीएच प्रत्यायन कराने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने अस्पतालों को डिजिटल बनाने और ई-हॉस्पिटल व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने प्रदेश में एकीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली तत्काल लागू करने के निर्देश दिए। इसके लिए कर्मचारियों के प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और वार्षिक रखरखाव अनुबंध की व्यवस्था करने को कहा गया।
बैठक में डॉक्टरों के रिक्त पदों को जल्द भरने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। सेवानिवृत्त होने वाले उन चिकित्सकों को दोबारा सेवा का अवसर देने के लिए सेवानिवृत्ति से पहले जरूरी पेपरवर्क पूरा करने के निर्देश दिए गए, जो आगे भी काम करना चाहते हैं। निजी अस्पतालों के विशेषज्ञ डॉक्टरों को विजिटिंग डॉक्टर के तौर पर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की संभावनाएं तलाशने को भी कहा गया।
जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि लोगों को अनावश्यक रूप से अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। अधिक से अधिक जनसेवाओं को सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में लाने पर भी जोर दिया गया।
मेडिकल कॉलेजों को मजबूत करने के लिए पर्याप्त फैकल्टी, बेहतर वार्ड और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मेडिकल कॉलेजों में इवनिंग ओपीडी शुरू करने को कहा गया, ताकि मरीजों को अतिरिक्त समय में भी उपचार की सुविधा मिल सके।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों समेत चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।




