देहरादून :- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी दी। नीति का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को पारदर्शी, तकनीक सक्षम, पेशेवर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

कैबिनेट ने सरकारी सेवकों के वेतन मैट्रिक्स में भी संशोधन को मंजूरी दी है। लेवल-13 ए के बाद अब वेतन स्तरों को केंद्र सरकार के अनुरूप व्यवस्थित किया जाएगा। वहीं, सीएनजी और हाइब्रिड वाहनों को मिलने वाली मोटरयान कर संबंधी छूट को समाप्त कर इन्हें चरणबद्ध तरीके से कराधान के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कैबिनेट ने अहम कदम उठाया है। दवाओं, सर्जिकल सामग्री, रसायन, उपकरण और इंप्लांट की समयबद्ध एवं पारदर्शी खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के गठन पर सहमति दी गई है। साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार में एनसीडीसी की शाखा स्थापित करने के लिए 65 एकड़ भूमि में से एक एकड़ भूमि 99 वर्ष की लीज पर देने को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट का सबसे अहम फैसला उपनल कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने से जुड़ा रहा। इसके लिए तीन चरणों में प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 2016 से पहले नियोजित कर्मियों के बाद 2016 से 12 नवंबर 2018 और फिर 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियोजित कर्मियों को इस व्यवस्था में शामिल करने की कार्यवाही प्रस्तावित है। साथ ही लंबे समय से कार्यरत उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने का भी निर्णय लिया गया है।
राज्य सरकार ने सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए भी समर्पित प्रकोष्ठ बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए उप निदेशक, सहायक निदेशक, कनिष्ठ सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटर समेत छह पद सृजित किए जाएंगे।
ऊर्जा क्षेत्र में उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को 25 वर्षों के लिए 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने की मंजूरी दी गई है। न्यूनतम बोलीदाता अडानी पावर लिमिटेड से ₹5.746 प्रति यूनिट के कुल टैरिफ पर बिजली खरीद प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है।

कैबिनेट ने शहीद सैनिकों के सम्मान में भी बड़ा फैसला लिया है। राज्य के शहीद सैनिकों की मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित की जाएंगी। सरकार का कहना है कि इससे शहीदों की वीरता और बलिदान की स्मृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ युवाओं को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलेगी।
इसके अलावा रिस्पना नदी किनारे बसी मलिन बस्ती के चयनित परिवारों को काठबंगला में निर्मित 116 आवास आवंटित करने, शहरी आबादी क्षेत्रों के आधुनिक भूमि सर्वेक्षण के लिए नई नियमावली लागू करने, यूयूएसडीए के ढांचे में 94 अस्थायी पद सृजित करने और उत्तरांचल विश्वविद्यालय के परिनियम-2026 को मंजूरी देने समेत कई फैसले लिए गए।




