देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR अभियान के तहत मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल 71 लाख 33 हजार मतदाताओं के सापेक्ष अनमैप्ड और विसंगति से जुड़े 24 लाख 30 हजार मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से करीब 23 लाख मतदाताओं की सुनवाई पूरी की जा चुकी है। यानी अब तक करीब 94 प्रतिशत मामलों में सुनवाई हो चुकी है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सोमवार को सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से SIR अभियान की समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में दावे और आपत्तियों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी दी।

समीक्षा के दौरान सामने आया कि करीब 1 लाख 10 हजार मतदाता ऐसे हैं, जो किसी कारण से सुनवाई में शामिल नहीं हो सके। निर्वाचन विभाग ने ऐसे मतदाताओं को दोबारा सुनवाई का अवसर दिया है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से बाहर न रहे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दावे और आपत्तियों की सुनवाई नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। उन्होंने विशेष रूप से फार्म 6, 7 और 8 के लंबित मामलों का अगले एक सप्ताह में निस्तारण करने के निर्देश दिए।

फार्म 6 के जरिए नए मतदाता का नाम जोड़ने, फार्म 7 के जरिए मतदाता सूची में नाम को लेकर आपत्ति या नाम हटाने और फार्म 8 के जरिए मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया की जाती है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से इन तीनों फार्मों के निस्तारण की विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और पारदर्शी बनाना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न हो।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।




