खिलाड़ियों की नियुक्ति से मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड तक, धामी कैबिनेट ने लिए कई बड़े फैसले

September 11, 2026 11:57 AM

देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सरकार ने खिलाड़ियों, मेडिकल इंटर्न, शासकीय अधिवक्ताओं समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े फैसलों पर अपनी मुहर लगाई। कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने दी।

कैबिनेट के फैसलों में सबसे अहम निर्णय खेल और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े रहे। राज्य के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल इंटर्न स्टूडेंट्स को अब 25 हजार रुपये का स्टाइपेंड मिलेगा। वहीं, माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक व्यायाम के 35 नए पद सृजित किए गए हैं। ये पद पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए आरक्षित किए जाएंगे।

खेल नीति-2021 के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। कुल 245 पदों पर पदक विजेता खिलाड़ियों की नियुक्तियां की जाएंगी। इन नियुक्तियों का लाभ युवा कल्याण, परिवहन, शिक्षा सहित अन्य विभागों में दिया जाएगा।

न्याय व्यवस्था से जुड़े फैसले के तहत शासकीय अधिवक्ताओं के शुल्क की दरों का पुनर्निर्धारण किया गया है। सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं का मानदेय बढ़ाया गया है।

ऊर्जा क्षेत्र में कैबिनेट ने ऊर्जा विभाग एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग से संबंधित उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी दी है। वहीं कारागार विभाग में अपर महानिदेशक कारागार के एक पद को संवर्गीय ढांचे में रखने की स्वीकृति दी गई है।

खाद्य विभाग में विधिक माप विज्ञान की सेवा नियमावली में संशोधन को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दी है। इसके अलावा मसूरी में जीएमवीएन की पार्किंग की 972 गज जमीन गढ़वाल सभा को देने का फैसला हुआ है। हरिद्वार में कर्मचारी राज्य बीमा निगम निदेशालय के पास 15 एकड़ भूमि ईएसआई अस्पताल के लिए देने पर भी कैबिनेट ने सहमति जताई है।

सरकार ने जनसरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर संचालित करने के लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने का निर्णय लिया है। अभियान की जिम्मेदारी सभी मंत्रियों को दी गई है। 17 सितंबर को धार्मिक स्थलों पर दीप जलाकर इसकी शुरुआत होगी।

अभियान के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम, वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान आयोजित किए जाएंगे। विभिन्न सामाजिक और अन्य संगठनों को अभियान से जोड़ा जाएगा। बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं और नुक्कड़ नाटक आयोजित कर सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक प्लेटफार्म तैयार किया जाएगा और ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ चौराहों पर ‘विकसित भारत कलश’ स्थापित किए जाएंगे।

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