देहरादून: देहरादून के प्रस्तावित मास्टर प्लान को लेकर आम जनता से मिल रहे सुझावों और आपत्तियों पर सुनवाई लगातार जारी है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राप्त शिकायतों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उनकी समीक्षा शुरू कर दी है। प्राधिकरण के अनुसार, प्रतिदिन करीब 10 मामलों की सुनवाई की जा रही है, ताकि सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिल सके।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि मास्टर प्लान तैयार करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। पहले ड्राफ्ट तैयार कर उसे सार्वजनिक किया जाता है और उसके बाद नागरिकों से सुझाव व आपत्तियां आमंत्रित की जाती हैं। इसी प्रक्रिया के तहत अब लोगों की शिकायतों और सुझावों पर विस्तार से विचार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कई ऐसे नागरिक भी सामने आए हैं जो पहले अपनी बात दर्ज नहीं करा सके थे। अब उन्हें भी सुनवाई में शामिल कर अपनी आपत्तियां और सुझाव रखने का मौका दिया जा रहा है। प्राधिकरण का उद्देश्य है कि अंतिम मास्टर प्लान शहर की वास्तविक जरूरतों और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार हो।

एमडीडीए का कहना है कि सभी मामलों की वन-टू-वन सुनवाई के साथ ग्राउंड लेवल पर भी जांच कराई जा रही है। सुझावों के आधार पर जहां जरूरी होगा, वहां संशोधन किए जाएंगे। संभावना है कि अगले दो से तीन महीनों में संशोधित मास्टर प्लान को अंतिम रूप देकर लागू कर दिया





