देहरादून, :- उत्तराखण्ड का आपदा प्रबंधन मॉडल अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हासिल कर रहा है। नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (एनसीजीजी) के सहयोग से श्रीलंका के 40 सदस्यीय सिविल सेवा अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून पहुंचकर उत्तराखण्ड की आपदा प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन किया।

सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि इस प्रकार के अध्ययन कार्यक्रम आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में क्षमता निर्माण के प्रभावी माध्यम हैं। विभिन्न देशों के अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान से संस्थागत दक्षता बढ़ती है और आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए अधिक समन्वित एवं प्रभावी दृष्टिकोण विकसित होता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में विकसित आपदा प्रबंधन मॉडल और अनुभव अन्य देशों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। वहीं, वैश्विक अनुभवों से सीखकर राज्य की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है।

एनसीजीजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ए.पी. सिंह ने बताया कि संस्थान अब तक 52 देशों के सिविल सेवकों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित कर चुका है। श्रीलंका सरकार के साथ सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में ज्ञान और अनुभवों का आदान-प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का आपदा प्रबंधन मॉडल आज देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक प्रभावी उदाहरण के रूप में उभर रहा है।




