CM धामी ने 1905 की शिकायतों पर कसा शिकंजा, बोले- समस्या हल किए बिना शिकायत बंद की तो तय होगी जवाबदेही

September 14, 2026 4:27 PM

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जन शिकायतों के वास्तविक, समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण के निर्देश दिए हैं। सोमवार को सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिकायतों को केवल पोर्टल पर बंद करना ही निस्तारण नहीं माना जाएगा। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान होना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में किसी विशेष प्रकृति की शिकायतें अधिक संख्या में प्राप्त हो रही हैं, वहां जिलाधिकारी संबंधित विभागों के साथ विभागवार समीक्षा करें और समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें। एक ही तरह की शिकायतें बार-बार आने के कारणों का विश्लेषण कर स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

तहसीलों के औचक निरीक्षण के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि दाखिल-खारिज से जुड़े मामलों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण हो रहा है या नहीं, इसकी विशेष रूप से समीक्षा की जाए। भूमि धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने और राजस्व मामलों में लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने देने के निर्देश दिए गए।

15 दिन में पाइपलाइन और सीवर लाइनों का ऑडिट
पेयजल व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने इसे शीर्ष प्राथमिकता में रखने को कहा। उन्होंने पेयजल से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश देते हुए पाइपलाइन और सीवर लाइनों का 15 दिन के भीतर ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। पेयजल आपूर्ति में व्यवधान, लीकेज और अन्य समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने 30 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों पर विशेष ध्यान देने को कहा। वहीं 180 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विभागवार स्थिति की समीक्षा करते हुए पुराने मामलों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से ‘स्पेशल क्लोज’ या ‘फोर्स क्लोज’ न किया जाए। शिकायत बंद करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित कार्रवाई वास्तव में हुई है। शिकायतकर्ता के फीडबैक को निस्तारण की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण आधार बनाने के निर्देश भी दिए गए।

फोन पर शिकायतकर्ताओं से CM ने लिया फीडबैक
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ शिकायतकर्ताओं से स्वयं फोन पर बातचीत कर समस्याओं के निस्तारण की वास्तविक स्थिति जानी। देहरादून निवासी संजय कुमार रावत की चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़ी शिकायत को अनुचित रूप से बंद किए जाने का मामला सामने आया। रावत ने बताया कि उनके दिवंगत पिता के उपचार से संबंधित चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का भुगतान लंबित है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में लोगों को परेशान न किया जाए।

पौड़ी गढ़वाल निवासी बेबी कोटनाला ने परित्यक्ता पेंशन की समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। हरिद्वार निवासी गीता ने बताया कि उनके घर के पास करीब तीन महीने पहले पानी की टंकी बन चुकी है, लेकिन अभी तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार को मौके का निरीक्षण कर तत्काल पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।

वहीं देहरादून निवासी शिल्पी सक्सेना ने स्ट्रीट लाइट से जुड़ी शिकायत के समाधान की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया। अल्मोड़ा निवासी आयुष बिष्ट ने बताया कि छात्रवृत्ति से जुड़ी उनकी शिकायत का समाधान हो गया है। मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति मिलने में देरी के कारणों की जांच के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाए, जबकि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और अनावश्यक देरी करने वालों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य शासन और जनता के बीच प्रभावी संवाद स्थापित कर समस्याओं का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करना है।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

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