देहरादून। हिंदी दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदी भाषा को देश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ते हुए इसके संरक्षण और विस्तार की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में हिंदी को विज्ञान, शोध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी मजबूत उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी ने भारत की विविध भाषाओं और संस्कृतियों के बीच संवाद कायम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा हिंदी को देवनागरी लिपि में संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया था। उन्होंने कहा कि हिंदी दिवस केवल भाषा के सम्मान का दिन नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों और राष्ट्रीय पहचान पर गर्व करने का अवसर भी है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय भाषाओं और संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे तकनीक और अन्य भाषाओं का ज्ञान हासिल करने के साथ अपनी भाषा और मातृभाषा से जुड़े रहें। तकनीक का इस्तेमाल हिंदी को देश और दुनिया के अधिक से अधिक मंचों तक पहुंचाने के लिए किया जाना चाहिए।


कार्यक्रम में उत्तराखंड की साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ने हिंदी और भारतीय साहित्य को कई महत्वपूर्ण रचनाकार दिए हैं। सुमित्रानंदन पंत ने हिमालय और प्रकृति को अपनी रचनाओं में स्वर दिया, जबकि गौरा पंत ‘शिवानी’ ने उत्तराखंड के लोकजीवन और स्त्री चेतना को साहित्य के माध्यम से व्यापक पहचान दिलाई। चंद्रकुंवर बर्त्वाल और प्रसून जोशी जैसे रचनाकारों ने भी इस साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाया है।


उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान सिर्फ हिंदी तक सीमित नहीं है। गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी, भोटिया, थारू, बंगाणी सहित प्रदेश की तमाम लोकभाषाएं और बोलियां राज्य की सांस्कृतिक धरोहर हैं। सरकार इन भाषाओं और उनसे जुड़े साहित्य के संरक्षण के लिए काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने साहित्यकारों के सम्मान के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि ‘दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान’ के तहत पांच लाख रुपये की सम्मान राशि दी जा रही है। ‘उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान’ के माध्यम से विभिन्न भाषाओं के साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है। इसके अलावा ‘साहित्य भूषण’ पुरस्कार के तहत 5 लाख 51 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है।
हिंदी दिवस समारोह में साहित्यिक एवं रचनात्मक लेखन प्रतियोगिताओं के 126 विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ, प्रो. जगत सिंह बिष्ट, सचिव भाषा विभाग उमेश नारायण पांडे, निदेशक भाषा मायावती ढकरियाल समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।




