हिमालय की संस्कृति और विरासत को सहेजने की पहल, CM धामी ने ‘हिमालयन संस्कृति’ पत्रिका का किया विमोचन

September 14, 2026 4:52 PM

देहरादून। हिंदी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालयी संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन को समर्पित पत्रिका ‘हिमालयन संस्कृति’ के प्रवेशांक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पत्रिका के प्रकाशन को हिमालय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हिमालय केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक चेतना का महत्वपूर्ण आधार है। हिमालय की पहचान यहां की लोक आस्थाओं, परंपराओं, रीति-रिवाजों, लोक कला, लोक साहित्य और सदियों पुराने ज्ञान से भी जुड़ी हुई है।

उन्होंने कहा कि ‘हिमालयन संस्कृति’ पत्रिका के माध्यम से हिमालयी राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और लोकजीवन के विभिन्न पहलुओं को सामने लाने का प्रयास किया गया है। पत्रिका के जरिए लोक कला, लोक साहित्य, इतिहास, विरासत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन से जुड़े विषयों को भी जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी लोक परंपराओं और विरासत का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। आज तेजी से बदलते समय में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना बेहद जरूरी है।


उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘हिमालयन संस्कृति’ का यह विशेषांक हिमालयी समाज की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ-स्रोत बनेगा। साथ ही यह हिमालयी संस्कृति के संरक्षण के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


पत्रिका के संपादक रजनीश कौंसवाल ने बताया कि विशेषांक में हिमालयी संस्कृति के विभिन्न पक्षों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है। इसमें हिमालय की लोक स्मृतियों, पारंपरिक ज्ञान, लोक कलाओं, सामाजिक सरोकारों और पर्यावरणीय चेतना को दस्तावेज के रूप में संरक्षित करने की दिशा में सामग्री प्रस्तुत की गई है।


कार्यक्रम में रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, विनोद खंडूरी, बद्री केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष प्रसाद सती, सदस्य राजपाल जड़धारी, विपिन, वरिष्ठ पत्रकार हरीश कोठारी समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति और संस्कृति प्रेमी मौजूद रहे। सभी ने पत्रिका के संपादक रजनीश कौंसवाल को इस पहल के लिए शुभकामनाएं दीं।

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