हरिद्वार :- हरिद्वार के प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में आयोजित संत समागम में ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को लेकर महत्वपूर्ण संवाद हुआ। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संत समाज के साथ इस विषय पर चर्चा करते हुए इसे राष्ट्रहित, सुशासन और विकास की निरंतरता से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में बार-बार होने वाले चुनाव विकास की गति को प्रभावित करते हैं। चुनावी प्रक्रिया में प्रशासनिक मशीनरी, शिक्षक, पुलिस और सुरक्षा बलों की बड़ी संख्या में तैनाती होती है, जिससे विकास कार्यों पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होने से समय, धन और प्रशासनिक संसाधनों की बचत हो सकती है और सरकारों को जनसेवा तथा विकास कार्यों के लिए अधिक समय मिलेगा।

शिवराज सिंह चौहान ने संत समाज से ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को लेकर जनजागरण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संत समाज की बात का व्यापक प्रभाव है और संत अपने प्रवचनों के माध्यम से इस विचार को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं, बल्कि देशहित से जुड़ा मुद्दा है। देश पहले है, पार्टी बाद में।

इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने ‘वंदे मातरम’ के पूरे स्वरूप का भी समर्थन किया। उन्होंने इसे राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति का प्रतीक बताते हुए संत समाज से इसके प्रति जनभावना मजबूत करने की अपील की।

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ राजनीतिक नहीं, बल्कि राष्ट्रहित, सुशासन, जनकल्याण और संसाधनों के बेहतर उपयोग से जुड़ा राष्ट्रीय विषय है। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव और आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण प्रशासनिक व्यवस्था का बड़ा हिस्सा चुनावी दायित्वों में लग जाता है।

सीएम धामी ने कहा कि यदि देश में एक साथ चुनाव कराने से सार्वजनिक धन और संसाधनों की बचत होती है और प्रशासन को विकास कार्यों के लिए अधिक समय मिलता है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए विकास की गति लगातार बनी रहनी जरूरी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत ढांचे जैसे क्षेत्रों में सरकारों को अधिक समय देना होगा। उन्होंने संत-महात्माओं से इस राष्ट्रीय विषय पर समाज का मार्गदर्शन करने का आग्रह किया।





