देहरादून में सुनियोजित विकास को रफ्तार देने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण जल्द ही दून जिले में नई आवासीय योजनाओं पर काम शुरू करने जा रहा है। इसके लिए करीब 268 करोड़ रुपये की लागत से भूमि खरीदी जाएगी, जहां आम लोगों को सस्ती दरों पर आवासीय और कॉमर्शियल प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे।

प्रस्तावित योजनाएं धोरण और रिस्पना नदी के किनारे स्थित राजस्व भूमि पर विकसित होंगी, जिससे शहर के विस्तार को एक नई दिशा मिलेगी। MDDA की 113वीं बोर्ड बैठक में आढ़त बाजार, आमवाला तरला और धोलास में आवासीय योजनाओं को मंजूरी दी गई है, जबकि ऋषिकेश में बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण इसी वर्ष पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 968 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी दी गई। आय का अनुमान 968 करोड़ 5 लाख रुपये रखा गया है, जिसमें आईएसबीटी और नक्शा शुल्क से होने वाली आय भी शामिल है। वहीं व्यय के लिए 852 करोड़ 92 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिसमें वेतन और भत्तों सहित राजस्व खर्च 61 करोड़ 25 लाख रुपये और विकास कार्यों के लिए करीब 208 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित है।
प्राधिकरण ने ऋषिकेश मल्टीलेवल पार्किंग के लिए 105 करोड़ रुपये, आढ़त बाजार के लिए 17 करोड़, आमवाला तरला योजना के लिए 15 करोड़ और धोलास आवासीय योजना के लिए 65 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अलावा भूमि खरीद के लिए 268 करोड़ से अधिक की राशि तय की गई है। मसूरी में 56 करोड़ रुपये की लागत से ईको पार्क और हरीपुर कालसी में यमुनाघाट के सौंदर्याकरण का प्रस्ताव भी इस योजना का हिस्सा है।
गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडेय के मुताबिक, लक्ष्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि देहरादून को एक संतुलित, हरित और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करना है। वहीं MDDA के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का कहना है कि इन योजनाओं से रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं पर जल्द काम शुरू होगा।
इन फैसलों के साथ देहरादून में इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और रोजगार—तीनों क्षेत्रों को एक साथ बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

