देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड के धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों के विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। केदारनाथ, बदरीनाथ और आदि कैलाश जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों में हुए व्यापक विकास कार्यों ने देवभूमि को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है।

केदारनाथ धाम में वर्ष 2013 की आपदा के बाद शुरू हुए पुनर्विकास कार्यों ने आज धाम की तस्वीर बदल दी है। आधुनिक सुविधाओं और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ केदारपुरी की दिव्यता और भव्यता को नया स्वरूप मिला है। वहीं बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत करीब 255 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
तीर्थयात्रा को और अधिक सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार ने केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं को यात्रा में बड़ी राहत मिलेगी तथा धार्मिक पर्यटन को नया विस्तार मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश दौरे ने सीमांत क्षेत्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। इसके साथ ही मानसखंड मंदिर माला मिशन के माध्यम से कुमाऊं क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने के साथ पर्यटन सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है।
चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना ने उत्तराखंड की धार्मिक यात्रा को नई मजबूती दी है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण चारधाम यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हुई है। इससे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिली है। राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व के प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।




