चंपावत :- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि चंपावत को उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ और आदर्श जनपद के रूप में विकसित करने के लिए सरकार बहुआयामी योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकास भी और विरासत भी” के विजन को धरातल पर उतारते हुए चंपावत में धार्मिक, सांस्कृतिक, पर्यटन, शिक्षा और खेल अवसंरचना को नई दिशा दी जा रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत मां पूर्णागिरि धाम, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर और मां वाराही धाम सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि चंपावत आने वाले वर्षों में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।


मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की बेटियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगभग ₹257 करोड़ की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जा रही है। इसके अलावा लगभग ₹58.52 करोड़ की लागत से आधुनिक साइंस सेंटर का निर्माण भी किया जाएगा, जो विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। साथ ही कृषि महाविद्यालयों, गौशालाओं के विकास और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।



उन्होंने बताया कि टनकपुर में लगभग ₹237.74 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक आईएसबीटी और लगभग ₹14 करोड़ की लागत से मीडिया सेंटर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। वहीं बनबसा में सैनिक स्मारक, पाटी में सैनिक बहुउद्देशीय केंद्र और लोहाघाट में पर्यावरण मित्रों के लिए आवासीय सुविधाओं का विकास भी सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है, वे केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि विकसित चंपावत और विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि चंपावत आने वाले समय में संतुलित, समावेशी और सतत विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरेगा।




