चम्पावत :- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष टनकपुर मार्ग से संचालित हो रही कैलाश मानसरोवर यात्रा का रविवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री ने शारदा पर्यटक आवास गृह, टनकपुर से प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा न केवल आस्था का विषय है, बल्कि सीमांत क्षेत्रों के विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से सीमांत गांवों की संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली को देशभर में नई पहचान मिल रही है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों की खरीद कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से चम्पावत जनपद में पर्यटन, परिवहन, होटल व्यवसाय और रोजगार के अवसरों को उल्लेखनीय बढ़ावा मिल रहा है।

प्रथम दल में कुल 49 श्रद्धालु शामिल हैं, जिनमें विभिन्न राज्यों के यात्री शामिल हैं। दल में राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल सबसे वरिष्ठ तीर्थयात्री हैं, जबकि गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा श्रद्धालु हैं। दल के साथ तमिलनाडु के डॉ. अरुण कुमार चिकित्सक के रूप में शामिल हैं।

यात्रियों ने उत्तराखंड सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और सुविधाओं के बेहतर इंतजाम किए गए हैं। सातवीं बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे श्रद्धालु अनिल कुमार जैन ने भी व्यवस्थाओं की प्रशंसा की।

टनकपुर में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पारंपरिक छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। देवभूमि उत्तराखंड ने एक बार फिर अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और अतिथि सत्कार की अनूठी मिसाल प्रस्तुत की।




