ऋषिकेश :- अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय सचिव एवं महामंडलेश्वर ईश्वर दास महाराज ने कहा है कि बद्रीनाथ धाम जैसे पवित्र धार्मिक स्थलों से जुड़े किसी भी विवाद या संदेह का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाना चाहिए, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था अक्षुण्ण बनी रहे।

उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि और उत्तराखंड के चारधाम सनातन संस्कृति के प्रमुख आस्था केंद्र हैं। विशेष रूप से बद्रीनाथ धाम, जो चारधामों में प्रमुख स्थान रखता है, उससे जुड़ी किसी भी नकारात्मक खबर या विवाद से सनातन समाज की भावनाएं प्रभावित होती हैं।

महामंडलेश्वर ईश्वर दास महाराज ने कहा कि सरकार और बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के मन में किसी प्रकार का संदेह पैदा नहीं होना चाहिए और यदि किसी ने गलत सूचना या भ्रामक संदेश फैलाया है तो उसकी भी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की आस्था और धार्मिक स्थलों की गरिमा को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में पारदर्शिता और तथ्यों को सार्वजनिक करना आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत हो सके।




