देहरादून :- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में छत्तीसगढ़ से आए पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी पत्रकारों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए राज्य की सांस्कृतिक विरासत, तीव्र विकास, पर्यटन की अपार संभावनाओं और सुशासन मॉडल की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि विकास के नए आयाम स्थापित करने वाला एक अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और हिमालयी सभ्यता के कारण देश-विदेश में विशिष्ट पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि चारधाम, पंचकेदार, पंचबदरी, पंचप्रयाग, हेमकुंड साहिब, पूर्णागिरि, जागेश्वर, आदि कैलाश और ओम पर्वत जैसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पर्यटन को आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बनाकर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ साहसिक पर्यटन, ईको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे आधारित पर्यटन को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक आधारभूत सुविधाओं, बेहतर सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी तथा विश्वस्तरीय पर्यटन ढांचे के विकास के कारण उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य में 25 करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे हैं, जो उत्तराखंड की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आदि कैलाश यात्रा के बाद सीमांत क्षेत्रों को वैश्विक पहचान मिली है, जिससे वहां पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को “राउंड द ईयर टूरिज्म” मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है और शीतकालीन यात्रा को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा केदार और भगवान बदरीविशाल की नगरी को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए केदारनाथ और बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत व्यापक पुनर्विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही राज्य में सड़क, रेल और हवाई संपर्क के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाएं भविष्य में पर्यटन और निवेश को नई गति प्रदान करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विकास पर राज्य सरकार विशेष ध्यान दे रही है और सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आज सुशासन, पारदर्शिता, निवेश, महिला सशक्तीकरण, स्वरोजगार, कौशल विकास और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि उनके माध्यम से समाज तक सही और सकारात्मक जानकारी पहुंचती है। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ से आए पत्रकार उत्तराखंड की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं के अनुभवों को देशभर तक पहुंचाएंगे। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के माध्यम से समस्त छत्तीसगढ़वासियों को आगामी कुंभ मेले में देवभूमि उत्तराखंड आने का भी सादर आमंत्रण दिया।
इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान, छत्तीसगढ़ सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक धनंजय राठौर सहित छत्तीसगढ़ से आए 20 से अधिक पत्रकार उपस्थित रहे।




