रुद्रप्रयाग- उत्तराखंड के पंचकेदारों में द्वितीय केदार के रूप में प्रसिद्ध श्री मदमहेश्वर धाम के कपाट बुधवार को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। सुबह 11:30 बजे कर्क लग्न में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के बीच कपाट खुलने की प्रक्रिया संपन्न हुई।
कपाट खुलने के अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से फूलों से सजाया गया था। पूरे धाम में भक्तिमय माहौल देखने को मिला और “हर-हर महादेव” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान मदमहेश्वर के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।
कपाट खुलने से पहले भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से विभिन्न पड़ावों से होते हुए धाम पहुंची। धाम पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ डोली का स्वागत किया।
इस दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई और भगवान मदमहेश्वर के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप से श्रृंगार रूप प्रदान किया गया। कपाट खुलने के साथ ही अब श्री मदमहेश्वर यात्रा भी विधिवत शुरू हो गई है। ग्रीष्मकाल के दौरान अगले छह माह तक बाबा मदमहेश्वर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे।

