देहरादून : कर्णप्रयाग में हुए विवाद के बाद उत्तराखंड में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। निहंग संगठनों द्वारा उत्तराखंड कूच के आह्वान के बाद राज्य की सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है। खासकर हिमाचल प्रदेश से लगने वाले देहरादून जिले के कुल्हाल बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों ने मोर्चा संभाल लिया है और आने-जाने वाले हर वाहन तथा व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है।


दरअसल, 16 मई को चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हुआ था। मामले के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था। इसी कार्रवाई के विरोध में कुछ संगठनों ने कर्णप्रयाग कूच का ऐलान किया था। इसके बाद से ही पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।

सूत्रों के अनुसार पंजाब समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में लोगों के उत्तराखंड पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कुल्हाल बॉर्डर, विकासनगर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाए।

प्रशासन का कहना है कि प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस अधिकारी लगातार हालात की समीक्षा कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए जा सकते हैं। वहीं आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट जानकारियों पर भरोसा न करें।
फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की चूक के मूड में नहीं हैं। यही वजह है कि उत्तराखंड की सीमाओं से लेकर संवेदनशील धार्मिक और सामाजिक स्थलों तक सुरक्षा का घेरा मजबूत कर दिया गया है।




