देहरादून :- श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। समिति ने अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे।

समिति द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और फिर पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई। कर्मचारी द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण और जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के परीक्षण के बाद आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।

जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति करते हुए यह भी कहा कि यदि संबंधित कर्मचारी अपने वर्तमान पद पर बना रहता है तो जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। इसी कारण बीकेटीसी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया।
आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में प्रमोद नौटियाल बीकेटीसी कार्यालय, जोशीमठ से संबद्ध रहेंगे। उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा तथा बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही उन्हें जांच प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग करना होगा।
बीकेटीसी ने अपने बयान में दोहराया कि मंदिर समिति प्रशासन में पारदर्शिता, ईमानदारी और अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। समिति ने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ अनियमितता के आरोप सामने आने पर निष्पक्ष जांच के बाद नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।




