बनबसा – अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बनबसा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, तप, ध्यान और आध्यात्मिक साधना की भूमि रही है और राज्य सरकार इस विरासत को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा देश की पहली योग नीति लागू की गई है। इसके तहत योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी और योग, ध्यान एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध एवं अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में पांच नए योग हब विकसित किए जा रहे हैं और सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।



उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज दुनिया के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग से जुड़ चुके हैं। बनबसा में योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन शारदा नदी तट को योग और आध्यात्मिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। शारदा कॉरिडोर परियोजना के जरिए क्षेत्र को धार्मिक और पर्यटन की नई पहचान देने का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनसहभागिता से उत्तराखंड जल्द ही दुनिया के प्रमुख योग एवं वेलनेस गंतव्यों में शामिल होगा।






